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मुरली कार्तिक ने खोजा रवि बिश्नोई की नो-बॉल की समस्या का सॉल्यूशन, बताया कहां करना होगा बदलाव?

 Written By: Vanson Soral @VansonSoral
 Published : Jul 06, 2026 08:10 pm IST,  Updated : Jul 06, 2026 08:11 pm IST

इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया का आगाज कुछ खास नहीं रहा। पहला मैच बारिश में धुलने के बाद टीम इंडिया को दूसरे T20I मैच में शिकस्त का सामना करना पड़ा।

Ravi Bishnoi- India TV Hindi
रवि बिश्नोई और ईशान किशन Image Source : AFP

इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे T20I मुकाबले में रवि बिश्नोई की बार-बार हुई बैक-फुट नो-बॉल ने भारत को भारी नुकसान पहुंचाया। एक ही ओवर में 29 रन खर्च करने वाले बिश्नोई की इस समस्या पर अब भारत के पूर्व स्पिनर मुरली कार्तिक ने तकनीकी विश्लेषण किया है। कार्तिक का मानना है कि दिक्कत बिश्नोई के गेंदबाजी एक्शन में नहीं, बल्कि उनके बदले हुए रन-अप में है। उन्होंने कहा कि यदि बिश्नोई अपने पुराने और छोटे सी-शेप रन-अप पर लौटते हैं तो बिना गेंदबाजी एक्शन में बदलाव किए इस परेशानी से छुटकारा पा सकते हैं।

पूर्व भारतीय लेफ्ट आर्म स्पिनर मुरली कार्तिक ने PTI से बातचीत में कहा कि रवि बिश्नोई की बैक-फुट नो-बॉल की समस्या उनके क्रीज तक पहुंचने के तरीके और गेंद फेंकने से पहले की बॉडी पोजिशन से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि बैक-फुट नो-बॉल इसलिए होती है क्योंकि आपका रन-अप वैसा होता है और आपका लोड भी वैसा होता है। रवि बिश्नोई का रन-अप पिछले कुछ सालों में अलग-अलग रहा है। IPL के दौरान भी उनका रन-अप सेमी-सर्कल जैसा था। इसी तरह दौड़ते हुए वह गेंदबाजी की स्थिति में पहुंचते हैं।

रवि बिश्नोई गूगली गेंदबाज

कार्तिक के मुताबिक रवि बिश्नोई पारंपरिक लेग स्पिनर नहीं हैं, बल्कि वह मुख्य रूप से गूगली गेंदबाज हैं। यही वजह है कि उनका गेंदबाजी एक्शन थोड़ा अलग दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि एक लेग स्पिनर के तौर पर गेंद छोड़ते समय आपका हाथ कान से थोड़ा दूर होना चाहिए, ताकि गेंद को ज्यादा स्पिन मिल सके।

उन्होंने आगे समझाया कि लोडिंग के समय आपके दाहिने हाथ का पिछला हिस्सा कवर की दिशा में होना चाहिए और हथेली में मौजूद गेंद मिडविकेट की ओर होनी चाहिए। लेकिन बिश्नोई का दाहिना हाथ कान के बिल्कुल पास रहता है, क्योंकि वह मुख्य रूप से गूगली गेंदबाज हैं और बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ स्लाइडर भी फेंकते हैं।

रन-अप में बदलाव से T20 गेम पर पड़ा असर

कार्तिक का मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट खेलने के दौरान बिश्नोई ने अपने रन-अप और तकनीक में बदलाव करने की कोशिश की, जिसका असर उनके T20 गेम पर पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर आपको याद हो तो पिछले साल जब वह लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेल रहे थे, तब उनका रन-अप काफी सीधा था। उन्हें खुद अपनी तकनीक पर काम करना पड़ा क्योंकि उसी दौरान उन्होंने कुछ रणजी ट्रॉफी मैच भी खेले थे।

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